पालो

पालो

पालो
जो सुख पालता
समृध्दि पालता
ज्ञान,ध्यान,शोध,
परिणाम,
वीरता और धीरता
जो इस पथ चले
वह मानवता पालता
अध्यात्म के
रहस्यों का
जो पट खोलता
विवेक और आत्मा के
शील को है साधता
यह धर्म पालो
सृष्टि में
सत्य को पालता
इसकी गाथा
अनंत है
प्रमाण का
पहाड़ है
कुछ मिल सके अगर
असहज में सहज
वह सतनाम है
असाधारण से
साधारण
इसका संदेश
जीवन से मिटते
लाखों क्लेश
यह ध्वज
मात्र नहीं
इसके पीछे
क्रांति और शांति
दोनो का
इतिहास है
भाग्यवाद
को भयभीत
करता
कर्म की कहानी
पसीने की बूँद बूँद
से लिखता
यह कल्पना नहीं
सत्य है
सत्य,अहिंसा,क्षमा,
दया,करूणा,प्रेम,परहित
और प्रतिकार इसके गुण
जहाँ अन्याय हो
वहाँ यह न्याय है
मानव को मानव से
तोड़ता नहीं
स्वाभिमान से जोड़ता है
समानता और अधिकार
यही तो उद्देश्य है
पाखण्ड नहीं अखण्ड
जहाँ पर स्थापित हो पालो
तर्कों के तार
खींचे जाते
सफेद कपड़े को
सफेद धागे में
सीये जाते
त्रिभुज नहीं
चतुर्भुज है
वर्गाकार नहीं
आयताकार है
ध्वज,झण्डा या पताका
कई नाम व स्वरूप हैं इसके
लेकिन हम...
सतनाम के अनुयायी
इसे पालो कहते हैं |

असकरन दास जोगी
मो.9340031332
www.antaskegoth.blogspot.com

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